छ.ग.  वन लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ 

छत्तीसगढ़ राज्य का भौगोलिक क्षेत्रफल 1,35,191 वर्ग किलोमीटर है, जो कि देश के क्षेत्रफल का 4.1 प्रतिशत है। प्रदेश का वन क्षेत्रफल लगभग 59,772 वर्ग किलोमीटर है, जो कि प्रदेश के भौगोलिक क्षेत्रफल का 44.21 प्रतिशत है। राज्य के वन आवरण की दृष्टि से छत्तीसगढ़ का देश में तीसरा स्थान है ।

छत्तीसगढ़ राज्य का विस्तार 17° 46' डिग्री  से 24°06' डिग्री  उत्तर अक्षांश तथा 80°15' डिग्री  से  84°51' डिग्री  पूर्वी देशांतर के मध्य है। राज्य में 4 प्रमुख नदी प्रणालियों क्रमशः महानदी, गोदावरी, नर्मदा और वैनगंगा का जलग्रहण क्षेत्रा शामिल है। महानदी, इंद्रावती, हसदेव, शिवनाथ, अरपा, ईब राज्य की प्रमुख नदियाँ हैं। राज्य की जलवायु मुखयतः सह आर्द्र तथा औसत वार्षिक वर्षा 1200 से 1500 मि.मी. है।

राज्य के वनों को दो प्रमुख वर्गो में विभाजित किया गया है, यथा, उष्णकटिबंधीय आर्द्र पर्णपातीय वन एवं उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपातीय वन। राज्य की दो प्रमुख वृक्ष प्रजातियां साल (Shorea robusta) तथा सागौन (Tectona grandis) हैं। इसके अतिरिक्त शीर्ष वितान में बीजा (Pterocarpus marsupium)] साजा (Terminalia tomentosa), धावड़ा (Anogeissus latifolia), महुआ (Madhuca indica), तेन्दू (Diospyros melanoxylon) प्रजातियाँ हैं। मध्य वितान में आंवला (Embilica officinalis), कर्रा (Cleistanthus collius) तथा बांस (Dendrocalamus strictus) आदि महत्वपूर्ण प्रजातियॉ हैं। भूतल भाग में नाना प्रकार की वनस्पतियाँ हैं जो पर्यावरणीय संतुलन की दृष्टि से महत्वपूर्ण तो हैं ही, साथ ही वे वन-वासियों के आजीविका का प्रमुख साधन भी हैं।

जैव भौगोलिक दृष्टिकोण से छत्तीसगढ़ राज्य डेकन जैव क्षेत्रा में शामिल हैं, तथा मध्य भारत की प्रतिनिधि वन्य प्राणी जैसे बाघ (Panthera tigris), तेन्दुआ (Panthera pardus), गौर (Bos gaurus), सांभर (Cervus unicolor), चीतल (Axis axis), नील गाय (Boselaphus tragocamelus) एवं जंगली सुअर (Sus Scofa) से परिपूर्ण है। दुर्लभ वन्य प्राणी जैसे वन भैंसा (Bubalus bubalis) तथा पहाड़ी मैना (Gracula religiosa) इस राज्य की बहुमूल्य धरोहर हैं जिन्हें क्रमशः राज्य पशु एवं राज्य पक्षी घोषित किया गया है। साल वृक्ष को राज्य वृक्ष घोषित किया गया है।

यह राज्य, कोयला, लोहा, बॉक्साईट, चूना, कोरंडम, हीरा, स्वर्ण, टीन इत्यादि खनिज संसाधनों से परिपूर्ण है, जो मुखयतः वन क्षेत्रोमें ही पाये जाते हैं।

राज्य के लगभग 50 प्रतिशत गांव वनों की सीमा से 5 किलोमीटर की परिधि के अंदर आते हैं, जहां के निवासी मुख्यतः आदिवासी हैं एवं आर्थिक रुप से पिछड़े  हैं जो जीविकोपार्जन हेतु मुखयतः वनों पर निर्भर हैं। इसके अतिरिक्त बड़ी संख्या में गैर आदिवासी, भूमिहीन एंव आर्थिक दृष्टि से पिछड़े समुदाय भी वनों पर आश्रित हैं। वानिकी कार्यों से प्रतिवर्ष लगभग 07 करोड़ मानव दिवस रोजगार का सृजन होता है। वनों से ग्रामीणों को लगभग 2000 करोड़ रुपये का लघु वनोपज एवं अन्य निस्तार सुविधाएं प्राप्त होती हैं। इस प्रकार छत्तीसगढ़ के संवहनीय एवं सर्वागीण विकास परिदृश्य में वनों का विशिष्ट स्थान है।



क्या हम आपकी सहायता कर सकते हैं ?


Hon. Chif Minister, Chhattisgarh
Dr. Raman Singh

Hon. Forest Minister of Chhattisgarh
Shri Mahesh Gagda

Shri R.P. Mandal (IAS)
Principal Secretary Forest

Shri R.K.Tamta (IFS)
PCCF


श्री बी.जी. बंग
प्रांतीय संरक्षक


श्री वीरेंद्र नाग
 प्रांताध्यक्ष


श्री निखिल मसीह
प्रांतीय महामंत्री


श्री तरुण देवदास
प्रांतीय सचिव

 


श्री मनीष हुमनेकर
कार्यकरी प्रांताध्यक्ष


श्री रामकुमार ठाकुर
 प्रांतीय कोषाध्यक्ष


श्री अनूप श्रीवास्तव
प्रांतीय संयोजक


श्री

प्रांतीय उपाध्यक्ष:-

श्री जे.जी.बेरिहा
(रायपुर वृत्त)

श्री एम.जी.आर.नायडू
(कांकेर वृत्त )

श्री अभय देवांगन
(जगदलपुर वृत्त )

श्री हेमंत बघेल
(बिलासपुर वृत्त )

श्री योगेश श्रीवास्तव
(सरगुजा वृत्त )

श्री सनत शर्मा
(दुर्ग वृत्त )

श्री रामाश्रय कुशवाहा
(वन मुख्यालय )

प्रांतीय सहसचिव ;-

श्री ओ.पी. बसंत
(रायपुर वृत्त)

श्री निषिध सोनी
(बिलासपुर वृत्त )

श्री चमनसिंह ध्रुव
(कांकेर वृत्त )

श्री के.के.भटनागर
(जगदलपुर वृत्त )

श्री दिनेश साहू
(दुर्ग वृत्त )

श्री अशोक शर्मा
(वन मुख्यालय रायपुर )

श्री  ......
(सरगुजा वृत्त )

प्रांतीय कार्यकारिणी:-

डी.एस.राठौर, के.एन.साहू, प्रेम सिटोहे, भास्कर पठारे, आशीष चाकी, राजेश रड़के

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Bilaspur Members Metting By: Precident | Posted on: 8/09/2017 16:30:30

Durg Members Seminar By: Precident | Posted on: 03/09/2017 16:30:30

Raipur Members Metting By: Precident | Posted on: 25/08/2017 16:30:30

Jaddalpur - Adhikari Sammelan - Near, Village, Jaddalpur By: Precident | Posted on: 03/07/2017 16:30:30

Bilaspur Members Metting By: Precident | Posted on: 01/07/2017 16:30:30

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